False FIR case

सेवा में, महोदय विषय- फर्जी FIR के बुनियाद पर विवेचक द्दारा रिश्वत लेकर फर्जी चार्जशीट लगाकर प्रार्थी के पिता को जेल भेजने के सम्बन्ध में| महोदय, निवेदन के साथ अवगत कराना है कि मै प्रार्थी मुकर्रम नूर पुत्र नुरुल्लाह निवासी ग्राम पुर्नहा बुजुर्ग पोस्ट किन्नर पट्टी थाना- जटहा बाज़ार जनपद कुशीनगर यू० पी० का निवासी है, मेरे पिता मोहम्मद नूरुल्लाह पुत्र नियामतुल्लाह साकिन- ग्राम पुर्नहा बुजुर्ग पोस्ट किन्नर पट्टी थाना- जटहा बाज़ार जनपद कुशीनगर यू० पी० मदरसा फैजुल ऊलूम दा० त० इस्लामिया जमालपुर पड़रौना कुशीनगर यू० पी० में सहायक अध्यापक अलिया के पद पर कार्यरत हैं जो की यू० पी० सरकार द्दारा अनुदानित मदरसा है|उपरोक्त मदरसे का तथाकथित प्रबंधक इस्तेयाक अहमद ने मेरे पिता को झूठा आरोप लगाकर फर्जी व मनमाने तरीके से निलंबित व सेवा स्माप्त कीया था, जिसके सम्बन्ध मे प्रार्थी के पिता मू० नूरुल्लाह ने रजिस्ट्रार मदरसा बोर्ड यू० पी० को अर्जी देकर न्याय व बहाली की मांग की थी जिसमे राजिस्ट्रार मदरसा बोर्ड यू० पी० दोनों पछो को तलब कर कई सुनवाई के उपरान्त प्रबन्धक इस्तेयाक अहमद द्दारा की गई निलम्बन व सेवा समाप्ती की कार्यवाही को आधारहीन, फर्जी व असवैधानिक करार देते हुवे निरस्त कर दिया व सहायक अध्यापक अलिया मु० नूरुल्लाह को बहाल करते हुवे सेवा करने का आदेश दिया व प्रधानाध्यापक को को भी आदेशित किया| जिसको इस्तेयाक अहमद ने प्रधानाध्यापक से मिलकर मु० नूरुल्लाह को मदरसे मे कई बार जाने के बाद भी शिक्षण कार्य नहीं करने दिया गया तथा डरा- धमका कर भगा दिया गया प्रार्थी ने मदरसे पर धरना भी दिया तो भी किसी अधिकारीगण द्दारा कोई कार्यवाही नहीं की गई, जिसके बाद प्रार्थी ने इसकी शिकायत जिलाअधिकारी, डी०एम०ओ० कमिशनर, अल्पसंख्यक आयोग इत्यादि से की उच्चअधिकारी गण से आदेश होने पर भी प्रधानाध्यापक/ प्रबंधक इस्तेयाक अहमद ने अपने राजनीतिक रसूख़ के बल पर शिक्षण कार्य नहीं करने दिया व परेशान करने हेतु रिशवत देकर थाना- कोतवाली पड़रौना में फर्जी FIR दर्ज करा दिया, तंग आकर मेरे पिता मु० नुरुल्लाह व अन्य अध्यापक व कर्मचारी जिसको निलम्बन व सेवा समाप्ती व वेतन रोकने की असवैधानिक कार्यवाही प्रबन्धक द्दारा की गई थी इन्होने मा० उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की जिसमे मा० उच्च न्यायालय ने रजिस्ट्रार/इंस्पेक्टर मदरसा बोर्ड यू० पी० को आदेश दिया कि मदरसा फैजुल ऊलूम दा० त० इस्लामिया जमालपुर पड़रौना कुशीनगर यू० पी० का एकल संचालन( सिंगल आपरेशन) करते हुवे कर्मचारियों/ अध्यापकों के पक्ष मे कार्यवाही की जाए| इसी सम्बन्ध में मु० नुरुल्लाह व अन्य कर्मचारी/अध्यापक जानकारी लेने हेतु जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय विकास भवन जिला कुशीनगर गए विकास भवन से नीचे उतरे थे कि मा० उच्च न्यायालय के आदेश से खिन्न प्रबंधक इस्तेयाक कुछ लोगों के साथ घात लगाकर खड़ा था इनके आते ही भदी- भदी गाली देने लगा तथा यह कहने लगा कि कही से भी आदेश ला लो तुम लोगों को कोई लाभ नहीं मिलने वाला है| विरोध करने पर हम लोगो को मारा पिटा भी कुछ लोगो के बचाव करने पर इस्तेयाक वहा से हटा| इस घटना की शिकायत लेकर मेरे पिता मु० नुरुल्लाह अन्य दो लोगो के साथ दिनांक-13/07/2016 तकरीबन 3.00बजे दिन में थाना कोतवाली पड़रौना कुशीनगर गये और अपना दरख्वास्त कोतवाल को दिया, कोतवाल ने प्रार्थी मु० नुरुल्लाह के दरख्वास्त को भदि-भदि गाली देते हुए फेक दिया, प्रार्थी मु० नुरुल्लाह व साथ आए दोनों लोगो को ग्रीफ़्तार कर लिया| मै मुकर्रम नूर मदरसे के अध्यापक व मित्रगण व शहर के सम्मानित जन जब कोतवाली पहुचे और कोतवाल से मिले तो उसने बताया प्रभारी मंत्री वसीम अहमद का फोन आया था और उनका दबाव है, आप लोग इन लोगों का जमानत कोर्ट से जाकर करा लिजीयेगा| मुहम्मद नुरुल्लाह व अन्य दो लोगों को बैठाने के तकरीबन एक घंटे बाद प्रबंधक इस्तेयाक आया और अपना फर्जी दरख्वास्त व रिश्वत देकर मेरे पिता मु० नुरुल्लाह व अन्य लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं मेँ मू०अ०स०-750/16 कोतवाली पड़रौन में FIR दर्ज करा दिया, जब्कि मुहम्मद नुरुल्लाह व अन्य का दरख्वास्त फेक दिया गया और रातभर कोतवाली के लाकअप मे बन्द रखा, अगले दिन दिनांक-14/07/2016 समय तकरीबन 2.00 बजे दिन मेँ CJM न्यायालय पड़रौन मेँ पेश कीया, वहा जाने पर पता चला कि FIR का विवेचक सजनु यादव/ कोतवाल ने उपरोक्त पीड़ित मु० नुरुल्लाह व अन्य एक को दिनांक-14/07/2016 को जटहा रोड अम्बे चौक से दौड़ा कर पकड़ना दिखाया है व साथ मे पैसे का लूट व अन्य सामाग्री की बरामदगी भी दिखाई है, जब्कि शहर के तमाम सम्मानित लोग गवाह हैं कि 13/07/2016 को कोतवाली पड़रौन मेँ दरख्वास्त देने गए नुरुल्लाह व अन्य को बैठा लिया गया है| प्रार्थी के पिता मु० नुरुल्लाह अभी भी जेल मे बन्द हैं, व प्रबंधक इस्तेयाक के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई है, C NEWS पर इस्तेयाक अहमद के दिये गए झूठे वक्तव्य के अनुसार इस्तेयाक अहमद ने केवल मारने व शर्ट का बटन तोड़ने का झूठा आरोप ही लगाया है| ऐसा बिल्कुल प्रतीत होता है पड़रौन कोतवाली के कोतवाल व विवेचक सजनु यादव ने रिशवत लेकर लूट एव बरामदगी दिखाई है| महोदय प्रार्थी इस उम्मीद के साथ आपको यह पत्र लिख रहा की इस मामले मे कहा से उच्चस्त्रीय जाच कराया जाए प्रार्थी/प्रार्थी के पिता को इन्साफ मिल सके और दोसी विवेचक/कोतवाल के खिलाफ कड़ी कार्यवाही हो सके| प्रार्थी मुकर्रम नूर पुत्र मु० नुरुल्लाह साकिन- पुर्नहा बुजुर्ग पोस्ट- किन्नर पट्टी थाना जटहा बाज़ार जनपद- कुशीनगर यू० पी० मो०-9794722741

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महोदय, 
कोई भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी FIR निरस्त नहीं कर सकता फिर चाहे वह झूठ या सच्च हो | वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निष्पक्ष जांच के आदेश मात्र दे सकते हैं | यदि मामला CJM न्यायलय के समक्ष रख दिया गया है, तो ऐसे में रIहत उच्च न्यायालय से मिल सकती है | माननीय उच्च न्यायलय के समक्ष संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत फर्जी FIR को निरस्त करने याचिका दाखिल की जा सकती है| यदि माननीय न्यायलय को यह लगता है की FIR फर्जी तरीके से या किसी दुर्भावना के साथ दर्ज की गयी है तो वह सम्बंधित न्यायालय को FIR निरस्त करने के आदेश देगी साथ ही साथ ऐसे पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी कार्यवाही के आदेश देगी|
यदि FIR निरस्त नहीं होती है और चार्ज शीट दाखिल करते समय पुलिस को जांच में यह पता चलता है की FIR झूठी सूचना पर दर्ज की गयी है तो झूठी सूचना देने वाले व्यक्ति पर भी भारतीय दंड संहिता की धारा 182 के तहत मुक़दमे का प्रावधान है जिस पर अधिकतम 6 माह तक कारावास की सजा है |

Answered on December 3, 2016.
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